गुरुवार, 17 अक्तूबर 2019

On-Page S.E.O कैसे करे 2020

On page SEO Kaise kare 2020 | On-Page S.E.O कैसे करे 2020- On-Page SEO करने के लिए सबसे पहले जाने के  On-Page S.E.O क्या होता है ? - On-Page  S.E.O  हम उन सभी तरकीबों को कह सकते है जिन्हे हम अपने वेबसाइट पर Organic Traffic को बढ़ने के लिए इस्तेमाल में लाते  है। इसे आप On-Site S.E.O भी कह सकते है।  Content Marketing  में S.E.O अर्थ होता है (Search Engine Optimization) जिसमे हम अपनी Website, Blogs, Images, vlogs, और Articles को Search Engine की requirement और Terms & Conditions के हिसाब से Organize करते है, ताकि हमे अपने website और blogs पर organic traffic कुछ अधिक मात्रा में मिल सके।

SEO दो तरहका होता है एक On-Page SEO और दूसरा Off-Page SEO  इस आर्टिकल में हम On-Page SEO के बारे में जानेगे।  


On-Page S.E.O करने से हम Search  Engines और उनके crawlers  के लिए एक सीधा और आसान रास्ता बनाते है, जिसका उपयोग करके Search engine crawlers हमारे website पर आसानी से दिए गए जानकारी को पढ़, समझ सके और सही तरीके से अपने database Index कर सके। और जरुरत पड़ने पर अपनी SERP पेज पर दिखा सके जिसका सीधा फायदा उन website को होगा जिनका On-page S.E.O अच्छा होगा। 

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On-Page  S.E.O में हम अपनी website और उस पर प्रकाशित कीये गए लेखो को Search engine Friendly बनाते है तो सबसे पहले हम जानेगे की हम अपनी website का On -page S.E.O कैसे कर सकते है।



Website का On-page S.E.O कैसे करे ।


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Website का on-page S.E.O आपकी website के source Code के अंदर किया ज्याता है। Website का on-page करने से पहले आप को जानना होगा की, website के on-page S.E.O के अंदर कोण कोनसी  चीजे आती है। 

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१. Meta Title-Tag 

आपके लिए सबसे पहले ये जानना जरुरी होगा की आखिर Meta Title-tag  होता क्या है। Meta Title-tag मे Title यानी आपकी website नाम होता है, जिसके जरिये आपकी Website को Search engines और आपकी Website पर आने वाले Visitors पहचानते है। Search engine आपके website के नाम को इसी Meta-Title Tag के जरिये identify करता है। 


Website का Unique नाम आपकी website की एक अलग पहचान बनता है। यही नहीं जितना Unique आपके website का नाम होगा, उतना ही आसान होगा Search engines के लिए आपके website को पहचानना। क्यों की आजकल एक ही नाम से ना जाने कितनी सारी websites Internet पर मौजूद है। और यही Unique नाम आप की website को दूसरों से अलग बनाये रखने में मदत करता है।

<title> आपकी वेबसाइट का नाम </title>
ऊपर दिए गए H.T.M.L कोड का इस्तेमाल करके आप अपने website का नाम Declare करते है। और Search engines के Crawlers इसी H.T.M.L Code को पढ़के आपकी Website के Title के बारे में जानते है। आपकी website का title दो जगह दिखाई देता है। एक तोह S.E.R.P पेज पर और दुरसरा Browser के tab पर जैसे आप निचे की image में देख सकते है। 

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२. Meta Description

Meta Description आपको भी आप को अपने Website के Source code अंदर <meta content='आपके वेबसाइट का विवरण' name='description'> इस code के जरिये लिखना होता है। Meta Description लिखने का सीधा सीधा मतलब ये है की आप अपनी Website के बारे में engines को संक्षिप्त जानकारी प्रदान कर रहे हो जिस जानकारी को Search  engines इस्तेमाल में लेकर आप की website तक पोहच सकते है। और साथ ही आपके Website के बारे मे जान सकते है।

आप को अगर अपनी website को S.E.O optimize करना है तोह और अगर आप चाहते है की आपकी Website तक User पोहचे तोह आपको अपने Website में meta Description को डालना ही होगा। 


Meta Description कितना भी लम्बा और छोटा हो सकता है पर Search engines सिर्फ 150 से 160 Characters को ही अपने Result Page में दिखाते है।  अपनी Website के लिए अगर एक S.E.O Friendly Meta Description लिखना चाहते तोह निचे दी गई बातों का इस्तेमाल कीजिये। 

१.  Meta Description लिखने के लिए अपने website के मुख्य Keywords और अन्य सहायक Keywords का इस्तेमाल करे। 
२.  हमेशा Meta Description 165 Characters के अंदर लिखे।  
३. हमेशा Meta Description दूसरों को समझमे आये ऐसे आसान शब्दों में लिखे।

३. Meta Keywords

Meta Keywords आपके website के लिए इस्तेमाल में लाये जाने वाले कुछ ख़ास  Keywords होते है।  जो Search  Engines को आपके website के अन्य Topics  के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए ये सन्देश भी  देते है की हमारी इस website पर इन सभी Keywords पर भी जानकारी से भरे हुए लेख उपलब्ध है। 


आपके Website के लिए अगर आप Meta Keywords का इस्तेमाल करना चाहते है तो आपको <Meta Content="आपके website के Keywords यहाँ Comma के साथ लिखे " Name="Name"> इस H.T.M.L कोड का इस्तेमाल करना होगा। 


आपको अपनी Website के लिए कुछ खास तरह से Research किये हुए Keywords काही चुनाव करना होगा, जो आपकी website को Rank करवा सके।  Market में बहोत सारे Keywords Research Tools मौजूद है पर उनमे से बहोत सारे Paid है। जिन्हे एक नये Blogger's afford नहीं कर सकते तो मैं आप को recommend करुगा Google Keyword Planner को जिसे Google की और से उसके users के लिए बिलकुल मुफ्त में  उपयोग के दिया गया है। हमारे द्वारा प्रकाशित Keyword रिसर्च कैसे करे  इस लेख को भी पढ़े। 

  
४. Author Name

Author Name Tag Website और  Web-Page के लिखक के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करता है।  Author Name Tag का इस्तेमाल Search Engines को ये समझने में मदत करता है की ये जितने भी Web-Pages जो प्रकाशित किये गए उनका लेखक आखिर कौन है। 


इस Tag का इस्तेमाल सभी Website के Owner करते है पर ज्यादा देखे तो जिन Website पर एक से ज्यादा लेखक मौजुद है वो अपने सभी Articles को लेखकों के हिसाब से Sort out करने हेतु इस Tag का ज्यादा इस्तेमाल करते है। 


इस Tag का इस्तेमाल करके वो Search Engines को अपने हर एक Web-Page के लेखकों के बारे में जानकारी प्रदान कर देते है। जिसकी वजह से सर्च engines में अगर कोई किसी एक लेखक द्वारा लिखा हुवा Article भी ढूंढ़ता है तो Search engines को लेखकों के हिसाब से Articles को ढूंढने में दिक्कत नहीं होती। 



५. Website Loading Speed


सीधा और आसान जवाब जितनी ज्यादा आपकी website की loading उतना बेहतर Performance देगी। और जिसकी बदौलत आपके Website पर आने वाले Users का Experience भी अच्छा होगा, और वो दुबारा आप website पर जरूर आएगा।

एक अछि और तेज Loading Speed वाली Website आम और कम Loading Speed वाली website के मुकाबले ज्यादा जल्दी Search Engines में  Rank करती है।


Website की  अछि Loading Speed आपके Website के SEO Score को भी बढाती है।  Google के Page Ranking Algorithm के हिसाबसे अछि Loading Speed वाली Website's Search Engines के Result Page पर अछि Position भी पाते है। 


अपनी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड को बढ़ाने के लिए इन सब बातों का ध्यान रखे।



. अपनी Website की Speed बढ़ाने के लिए कम Size वाली और Optimized Images ही अपनी Website पर इस्तेमाल करे।   
. अपनी WebSite की Speed बढ़ानी हो तो अपनी Website पर कम से कम Flash Content का इस्तमाल करे। 
. अपनी Website की Speed को बढ़ने हेतु अपने Website के JavaScript / Jquery / CSS Languages को Gzip Compression के द्वारा या किसी अन्य तरीकेसे Compress करे।   
. अछि वाली Web-Hosting ले।
. अपने Website पर Ads थोड़ी कम कर दे।
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६. Header Tags

Header Tags का इस्तेमला Headings और Sub-Headings को पहचान ने के लिए किया ज्याता है। Heading Tags h1 से h6 तक और उससे ज्यादा भी हो सकते है।   

h1 tag मुख्य heading को दर्शाने हेतु इस्तेमाल में लाया ज्याता है तो अन्य Sub-Headings को दर्शाने हेतु  इस्तेमाल में लाते है।  अधिकतर बार आप को h3 के आगे के heading tags का इस्तेमाल करने की  जरुरत भी नही पड़ती। 


जब हम कोई Website बनाते है तो हमारे लिए ये बहोत ज्यादा जरुरी हो ज्याता है की हम अपनी वेबसाइट के Headings और Sub- Headings को अच्छे से  organize करे।  जिसमे ये सभी Heading  tags हमारी मदत करते है। 


इन Heading tags  का सही से सही जगह उपयोग आप की website के S.E.O को बढाने में मदतगार साबित होगा।    


७. Web-pages Customization

अच्छे से Customize किया गया Web-Page आपकी Website के रख-रखाव को दर्शाता है। एक अछि Customize की गई Website, उस पर आने वाले Users के Experience को  दो गुना बढ़ा देती है।  क्यों की User को जो कुछ चाहिए होता है वो उसे आप की website पर अच्छे से प्राप्त होता है।  जिसकी बदौलत आपकी Website का S.E.O Score बढ़ता है।  

किसी भी Website को Customize करते वक़्त इन सब चीजों पर ध्यान दे।

१. अपनी Website पर Navigation आसान रखे। 

२. जो भी Widgets आप के Website के लिए जरुरी नहीं है उन्हे निकाल दे। 
३. Categories को Add करे। 
४. Home-Page का design Simple रखे। 
५. Unwanted Links जैसे Broken और Dead Links को निकाल दे। 

उपर दिए गए सभी meta tags के जरिये आप ये निछित करते है की आपकी website Search Engines द्वारा उनके Result Page पर शो करने योग्य सभी पूरक जानकारियों परिपूर्ण है। तथा Search engeins के crawlers उनकी website पर आ कर इस बात की पुष्टि कर उनकी website को अपने DataBase समाविष्ट कर सकते है। और जरुरत पड़ने पर उनके page पर दिखा सकते है। 

उपर दीये गए सभी H.T.M.L Codes को अपनी Website के Source Codding में Head Tag के अंदर लिखना होता है।  


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Article's का On-Page S.E.O कैसे करे?

सिर्फ अपनी Website को ही S.E.O Optimize करने से ज्यादा कुछ हासिल नहीं होगा, आपको अगर अपने Website को दूसरों से आगे ले ज्याना है। अछि खासी web-Traffic को अपनी Website पर लेकर आना है तो  Website के साथ साथ अपने Articles  को भी S.E.O Optimize करना होगा। 

Articles को S.E.O Optimize करना यानि अपने Articles को Search Engine के Result page तक आसानी से लेके जाना।

Articles को SEO Optimize करने के लिए आगे दिए गए सभी मुद्दों पर ध्यानसे अध्यन कर अपने सभी Articles को उसके मुताबित ढालना होगा।

#Topic Research 

Articles को SEO Optimize करने के लिए सुरवात में आपको कुछ बातों के बारे मे पता होना जरुरी है जैसे की किसी एक टॉपिक पर कोनसी website ने कितनी मात्रा में जानकारी इंटरनेट पर पहलेसे ही प्रकाशित कर रखी है। साथ ही उन Websites की Search  Engine के Result पेज में Ranking कैसी है।

उन Websites ने अपने Article में कोण कोनसे Keywords का इस्तेमाल किया है। उन Keywords की Density क्या है।  उन Keywords का उपयोग अपने Articles मे कैसे और कहाँ कहाँ किया है।

उन website पर लिखे गए articles मे लेखकों द्वारा क्या क्या गलतियां की गई है। ये सब भी जानकारी आपके लिए बहोत ज्यादा मदतगार साबित होगी अपना article लिखते वक़्त।   

१. Title

एक S.E.O Friendly Title को बनाने के लिए आपको निचे दिए गए कुछ Advice को ध्यान में रख कर अपने Article का Title लिखना होगा, ताकि आपके article अधिक से अधिक Traffic आ सके।

१. अपने article के Title में मुख्य Keywords का इस्तेमाल करे  - Article के Title में मुख्य Keywords का इस्तेमाल  Users को और Search Engine के Crawlers को आप के article के pure Topic के बारे में Brief Intro देता है। मुख्य Keywords का इस्तेमाल अपने Title में करके आप अपने Article के On-Page S.E.O मजबूत करते है।  

२. article के Title की Length - आप एक बात जान ले की Search Engines ज्यादा से ज्यादा १५० से १६० Characters ही अपने result page में दिखाते है।  तो बेहतर होगा की आप भी अपने article के Title को १५० से १६० Characters के अंदर ही लिखे।  

३. अपने article के Title में नंबरस को जोड़े - आर्टिकल के Title के सुरवात में और हो या आखिर में कुछ नंबरस को जोड़ ने से आप के article का Title थोड़ा Attractive नजर आता है।  और ज्यादातर नंबरस का ही तो खेल है अगर किसी User को Search Engines के result Page दिखे की किसी ने  "Top 15 S.E.O Tips In Hindi" नाम से Article डाला है और किसी किसी ने "Top 50 S.E.O Tips In hindi" नाम से तो ज्यादा तर लोग Top 50 वाले Article पर ही जायेगे।  

२. Paragraph:- 

याद रखे आपने article का पहला Paragraph आप को अपने मुख्य Keywords और Supporting Keywords को मिलकर ही लिखना है। क्यों की कई बार ऐसा होता है की Search  Engine आपके आर्टिकल के पहले Paragraph को ही आप के आर्टिकल का Description मान लेता है। 


आपका Paragraph हो सके उतना छोटा रखे और जहाँ आपको लगे की किसी बाहरी (External) या फिर आंतरिक (internal) Links को जोड़ना सही रहेगा वहां आप Internal और External Links जोड़ दे। 


Article को Paragraph Wise लिखे ताकि आपके Article को Padhne वालों को उसे पढ़ने और समझने मे कोई दिक्कत न आये। 

३. Headings & Sub-Headings

अगर आप एक लेखक है ऑनलाइन ब्लॉग चलाते है।  तो आप को तो ये ज्ञात होगा ही की किसी भी प्रकार का कोई Article आप क्यों न लिखे आपको अपने Article में Headings और Sub-Headings को जोड़ (Add) कर point To Point ही लिखना होता हैं। 


Headings और Sub-Headings का सही जगह और सही से इस्तेमाल करके अगर आप Article लिखते है तो यकीं मानिये आप के article को Search Engines Rank करने से कोई नहीं रोक सकता। 


SEO Friendly Article लिखने के लिए आपको ये पता होना जरुरी है की Headings का उपयोग कहाँ और कैसे करे उसके बाद ही आप एक SEO Friendly Article लिख पाएंगे। 


४. Category

एक article को उसकी सही Category में जोड़ कर आप Search engine Crawlers को ये बताते है की ये वाला Article इस Category का है।  जिससे Search Engines के Crawlers को आपके Article तक पोहचने और उसे सही तरह से Index करने में आसानी होती है। उसके बाद जब भी आप का article Search Engine के Result पेज पर दीखता है तो वो उसी category के अंदर दिखाया ज्याता है।  


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साथ में ही आपके Article पर आनेवाले Users को आपके website पर Navigate करने में आसानी होती है। जसकी वजह से वह आपकी website पर थोड़ा अधिक समय बिताते  है। जिससे search engines को एक सकारात्मक सन्देश ज्याता की इस website पर Navigation system अच्छा है, जिसके बदले search engines आपके article को थोड़ा और rank करते है। 


५. Permalink

अगर आप On-page SEO कर ही रहे है तो ध्यान दे की आपके article permalink ही वो मुख्य भाग है जो आपके article को search engine के साथ जोड़ती है।

On-Page SEO का अभिन्न हिस्सा यानि permalink को Search engine Friendly बनाना और अगर आपकी Permalink SEO Friendly है तो आपका 80% on-page पूरा होगया एक SEO फ्रेंडली Permalink बनाने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।


अगर आप Blogger का इस्तेमाल करते है Blogging करने के लिए तो आप को Permalink बनाने के लिए Right Side मे Post Settings मे Custom Permalink का Option मिल जायेगा।



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१. Keywords का उपयोग करे। 


आप जब भी अपने आर्टिकल के लिए Permalink बनाये तो अपने आर्टिकल के मुख्य keywords का इस्तेमाल करना न भूले क्यों की।  Permalink में keywords का इस्तेमाल करने Search Engines के Crawlers आपके Article के Topic को समझकर Index करने में आसानी होती है।   


Example - http://www.mmsm.com/category/my-word.html


२. हो सके उतना permalink को छोटा रखे। 


ऐसा बिलकुल भी नहीं है की ज्यादा लम्बा Permalink मतलबत ज्यादा अच्छा SEO और ज्यादा अछि Traffic। 

Permalink जितना हो सके उतना छोटे और DIscribalbe होने चाहिए। एक छोटा Permalink Type करने मे, पढने मे और समझने मे आसान होता है।  Search Engine के Crawlers से छोटे Permalink में से हर एक Word अधिक value प्राप्त कर पाता है। 

पर एक बात ध्यान में रखे बहोत सारे एक जैसे Keywords अगर आपके Permalink मे  होंगे तो उसे Keyword Stuffing माना जाता है और जिसके फल स्वरुप आपके article और साथ ही website ranking भी down hone Chances होते है। 


३. Hyphens का उपयोग करे | 


दो शब्दों को अलग करने के लिए Hyphens (-) का उपयोग करना User और Search engine दोनो के लिए सही रहेगा। और यही Search Engine Optimization के लिए  उपयुक्त होता है। 


साथ ही याद रखे की permalink में हमेशा lowercase characters का हीउपयोग करना चाहिए। 

  • Numbers का प्रयोग न करे 
Permalink में किसी भी तरह से Number का प्रयोग न करे क्यों की अगर आप  बदलना  चाहे तो भी आप अपनी permalink के अंदर से Numbers के रूप में डाला गया  साल, वक़्त, तारीख हटा नहीं सकते। अगर आप उसे हटाने गए  तो आपकी पूरी की पूरी permalink ही बदल जाएगी और अभी तक जितनी भी मेहनत आपने उस पुराणी लिंक पर की होगी सब बेकार जाएगी। 

अगर आप अपने Article के Permalink मे साल, वक़्त, तारीख Add करते है जैसे 2019, 2020 और 2021 तो एक तय  समय बाद आपके article की ranking खुद ब खुद कम होती जाएगी। 


  • UnderScore का इस्तामल न करे। 
Permalink में दो शब्दों को अलग करने के लिए Underscore (_) इस्तेमाल करने से Search Engines के Crawlers Confuse होते है जिसका उलटा असर हमारे Article SEO पर होता है।  
    
साथ ही याद रखे कोई भी ऐसा Permalink न बनाये जो Search engines के Crawling और Indexing के मापदंडो  उलंघन करता हो। 


६. Search Description

Search Description आपके द्वारा लिखे गए पुरे Article की संक्षिप्त में जानकारी (Short Introduction) होती है, Search engines के Crawlers के लिए भी और Users के लिए भी।

ज्यादातर Search Description पर ही अवलंबून  होता है आप के Articles का Search engines के Result page पर show करवाने के लिए। 


  • एक S.E.O Friendly Search Description लिखने के लिए आप को Search Description को  दो लाइन मे ही लिखना  होता है। 
  • Search Description हमेशा Article के मुख्य और Article में इस्तेमाल मे लाये हुए keywords का इस्तेमाल करके  लिखे। 
  • Search Description हमेशा सकारात्मक लिखे। 
  • जितना हो सके उतना Symbols का उपयोग कम करे। 
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७. Internal और External Links
Internal Linking - Internal Linking को ही  हम inbound Linking भी कहते है।  Internal Linking यानि हम अपने खदु  की Website के pages और Articles को उसी Website के दूसरे Articles के अंदर जोड़ना  यानि internal linking करना।  

Internal Linking करने के लिए आप  (<a href="http://www.myhomepage.com/xzw.html"> आप का  Anchor Text</a>) इस  H.T.M.L Code का प्रयोग कर सकते है।  

या फिर आप जो भी Text Editor इस्तेमाल कर रहे हो वहां कुछ ऐसे option देखोगे  Link, Insert Link, Hyperlink इत्यादि  आप को करना कुछ नहीं है बीएस उन Option पर Click करके अपने page या Article की link को वहाँ डाल के Done कर देना है।

Internal linking करने से आप के Articles को Read करने वाले Readers को एक Unlimited information  Source मिल जाता है जिससे यूजर आपके ही वेबसाइट पर एक Page से दूसरे Article जिसे वो पढ़ना चाहे वहां आसानी से ज्या सकता है।  

साथ ही Search Engines के Crawlers के लिए आपके Articles को Index करवाने के लिए एक आसान रास्ता बना ते हो।

External Linking - External Linking या Outbound Links यानी हमारे खुद के Website के Articles के अंदर किसी और वेबसाइट के links को डालना।  

और हम External Links को इसलिए अपने article में डालते है ताकि हमारे users को और ज्यादा Informative जानकारी उस Link से  प्राप्त हो।  साथ ही हम अगर किसी को अपने आर्टिकल के जरिये Backlinks देना चाहते है तो भी हम External Links को डालते है। 

External Links को जोड़ने के लिए भी वही HTML कोड इस्तेमाल कर सकते है जो Internal Linking में इस्तमाल किये थे। 

८. Image's Optimization 

हम सबकुछ करते है पर भूल ज्याते है है की हमे अपने article में इस्तेमाल में लिए हुए Photos को भी तो Optimize करना होता है। 

Image को Optimize करना यानि अपनी Images को Photos वाले Search Engine Result Page में Rank करवाने की कोशिश करना। Images को Optimize केलिए आपको Alt Text, Image की Size इन दो चीजों पर ध्यान देना होगा।
  • Alt Text 
Alt Text के जरिये हम अपने Images का SEO करते है।  Alt Text हमारे Images को Search Engine के Crawler लिए Searchable बनाते है। Alt Text  में हम अपनी Images को एक सही नाम देते है और साथ में उस नाम के साथ मेल बना सके ऐसे कुछ Keywords भी डालते है।  जिससे हमारी Images को Search engine के Crawlers हमारी Image ढूंढने में आसानी हो सके। 


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एक बात का ख्याल रखे की आपके द्वारा डाले गए Alt Text के जरिये ही Images को Search Engine के Crawlers सही तरीके से index कर पाते है और जरूरत पड़ने पर आपके images को Search Engine Result Page में दिखा पाते है। 
  • Image Size 
चाहे आप JPEG, PNG, JPG इन मे से किसी भी Format की Images क्यों न इस्तेमाल करे पर याद रखे की Image की Size हमेशा कम ही रखे। क्यों की जितनी बड़ी Images की Size होगी उतना ज्यादा आपके बड़ा आपके Website का Loading Time होगा। और ज्यादा बड़ा Loading Time आप के Site के लिए नुकसान का कारण बन सकता है। 

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